पति का लौड़ा छोटा मुझे चाहिए था बड़ा तब मैं चली ये चाल

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दोस्तों आज मैं आपको एक कहानी सुनाने जा रही हु, इस कहानी में मैं ये बताने जा रही हु की कैसे मैंने एक लड़के को पटाई और चुदवाया। दूसरे से चुदवाने का कारन यही था की मेरा पति मुझे संतुष्ट नहीं कर पा रहा था और मेरी चूत की खुजली बढ़ती ही जा रही थी मुझे चाहिए था मोटा लौड़ा और जो मुझे चोद कर खुश कर दे।

असल में कारन ये है की मैं 25 साल की हु और विधवा थी, कोई बच्चा नहीं है, माँ बाप ने दो साल तक कई रिश्ते देखे पर कोई कुंवारा राजी नहीं हुआ शादी करने को एक 45 साल का इंसान मेरे से शादी को तैयार हो गई। मुझे भी लगा की अकेली ज़िंदगी काटने से बढ़िया है की चाहे ज्यादा उम्र का ही क्यों ना हो उसी से ही शादी कर लेते हैं। और हुआ भी यही मेरा रिश्ता हुआ और अपने से 20 साल बड़े आदमी से शादी कर ली।

मेरे पति का का मनोहर जी है। ऐसे तो मैं लखनऊ की हु पर मेरे दिल्ली में रहते हैं। और मैं शादी के बाद दिल्ली ही आ गई। सब कुछ तो ठीक रहा, पर जिस्मानी रिश्ता  सही से नहीं बन पाया। जब भी मेरे पति मुझे चोदते मैं प्यासी की प्यासी रह जाती। उनका लौड़ा छोटा सा था और  जोर से पेल भी नहीं पाते हैं। दोस्तों आप ही बताओ कितनी चूचियां प्रेस करवाऊं। हद होता है  चूत खूब चाटते हैं और चूचियां भी खूब पीते है गांड में ऊँगली भी करते है और चूत में भी दनादन ऊँगली करते हैं।  पर जब तक चूत में दनादन लौड़ा नहीं जाये मजा नहीं आता है. मैं रही रूप की रानी और जिस्म की मल्लिका।  बड़ी बड़ी चूचियां, टाइट चूचियां, गदराया बदन , गोरी, गांड उभरी हुई जांघ मोटा, लम्बे लम्बे बाल, टाइट जिस्म, होठ लाल लाल और आँख कजरारी। पर लौड़ा खाने के लिए बेवस।

दो महीने तक तो कहानी एक्स वेबसाइट ही पढ़कर मजे ले ली पर अब बर्दाश्त नहीं  हुआ अब मुझे लौड़ा चाहिए था। पति चोद ही नहीं पाता, रात भर अकेली  ही मूवी देखती और चूत में ऊँगली करती और इस वेबसाइट पर कहानियां पढ़ती। पति रेल ड्राइवर है तो दो तीन दिन  हमेशा बाहर ही रहते हैं।

एक दिन मैंने एक वेबसाइट से कुछ कपडे आर्डर की फिर कुछ सामान भी किया एक लड़का मेरा सामान डिलीवरी करने आता था बहुत ही हैंडसम और मसल बाला लड़का था।  वो काफी अच्छा  था, मैं जब वो आता मैं बैठती और पानी देती और पल्लू हमेशा उसके सामने गिराती। वो मेरी चूचियों को निहारता और मैं फिर हसकर पल्लू से ढक देती।  यही चलने लगा।  बार बार आर्डर करती और वही मेरा डिलीवरी देने आता।  कुछ कपडे मंगवाए उसमे कंडीशन था की मैं पहन कर देख सकती थी और पसंद आपने पर ले सकती थी नहीं तो वापस उसी के हाथ कर सकती थी।  एक दो कपडे मंगवाए उसने भी मेरी पसंद में हां  हाँ मिलाया।  एक दिन मैं फिर  ब्रा और पेंटी मंगवाई, वही हैंडसम लेके आया और जैसा की हरेक कपडे को ट्राई करके उसके सामने आती थी मैंने उस दिन वो लाल लाल ब्रा और पेंटी पहनकर आ गई और बोली कैसा लगा।  दोस्तों मेन दरवाजा बंद था वो देख कर तो पागल हो गया उसकी आँखे खुली की खुली ही रह गई।

मैंने कहा हेलो अरे कुछ तो बोलो वो मुँह फाड़ कर मेरा बदन निहार रहा था और मैंने हिलाया बोला क्या है दिखा रही हु कैसा लगा।  वो बोला पानी,  पानी चाहिए। मैं बोली क्यों अभी से ही पानी, वो बोली नहीं माम् नहीं ऐसी बात नहीं है मैं पानी लाकर दी , ग्लास हाथ में दिया पर  चूचियां निहार रहा था।  फिर वो अपने हाथ में ग्लास लेके छोड़ दिया।  पूरा पानी सोफे पर गिर गया।  वो बोला सॉरी मेम, मैंने कहा कोई बात नहीं।  और मैं उसका हाथ पकड़ लिया और बोली डरो मत,  तुम मुझे खुश करो मैं तुम्हे खुश करुँगी।  वो बोला जी मेम।  और मैं उसको बैडरूम में ले गई और उसके लंड को पकड़ ली , और चूसने लगी , वो कभी भी किसी की चुदाई नहीं किया था।  वर्जिन था।  वो थरथरा रहा था।  मैंने उसको संभाली और फिर चूचियां खोल कर दी। करीब १० मिनट के बाद ही वो वाइल्ड हो गया और फिर मुझ पर टूट पड़ा,  फिर क्या वो मेरी चूचियां और गांड और चूत को चाट चाट कर पानी पानी कर दिया। और फिर अपना मोटा लैंड मेरे मुँह में दिया और फिर चूत में।

मुझे ऐसे ही लौड़े की जरुरत थी।  वो जोर जोर से चोदा और गांड मारा।  एक घंटे में  दो बार झडा और चोदते रहा।  मैं खुश जो गई।  उसने मेरी जिस्म की आग बुझा दी उस दिन के लिए पर रोज  रोज चुदने का आग लगा दिया।

अब वो रात भर रुकता है।  मेरा पति जब ट्रैन चलाने जाता है वो मुझे  चोदता है।  रात रात भर चुदाई  होती है। मस्त ज़िंदगी चल रही है। आपको मेरी कहानी कैसी लगी प्लीज रेट करें। अगर शब्दों में कही चूक रही तो माफ़ कीजिये। रेट जरूर कीजिये।

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