भाभी की चुदाई : भैया गए थे दिल्ली कमाने रसीली भाभी को किया प्रेग्नेंट

Devar Bhabhi Sex, Bhabhi Sex Story, Bhabhi ki Chudai, Bhabhi Sex Story, Bhabhi ki Chudai Story, Village Sex Story, Bihar Sex Story, Bihari Sex Story, Indian Desi Sex Kahani, भाभी की चुदाई, भाभी देवर सेक्स कहानी, देवर भाभी सेक्स स्टोरी, हिंदी में कहानी भाभी की बुर चुदाई की

मेरा नाम अनुराग है। मैं आपको अपनी एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हु। आप यकीन कीजिये मैं सच बोल रह रहा हु। ये कहानी मेरे और मेरी चचेरी भाभी के बिच सेक्स सम्बन्ध का है। हम दोनों में चुदाई का रिश्ता हो गया था और फिर बाद में वो प्रेग्नेंट भी हो गई थी आज मैं आपको अपनी ये पूरी कहानी बताने जा रहा हु। आशा करता हु की आपको मेरी ये कहानी अच्छी लगेगी।

मैं अठारह साल का था। विनोद भैया के बाद दिल्ली आ गए थे, वो दिल्ली में छोटी मोटी नौकरी करते थे। ज्यादा दिन की छुट्टी नहीं थी और उनको नौकरी जाने का डर थे इसलिए वो जल्दी दिल्ली आ गए यानी की आप यूँ  समझिये की भाभी की बूर की सूजन और सील टूटने का दर्द भी नहीं गया होगा पहली चुदाई का और वो बलखाती हसीन खूबसूरत भाभी को छोड़ आया।

दोस्तों आप खुद ही समझिये की भाभी का क्या हाल होगा। क्यों की पहली बार लंड मिला और फिर तुरंत ही इंतज़ार हो क्या होगा आप ही समझिये। मुझे ये सब बिलकुल भी नहीं पता था। विनोद भैया का घर मेरे घर के सामने था।  वह पर एक खिड़की थी भाभी खिड़की से झांकती रहती थी और मैं ही उनका मनोरंजन किया करता था। गर्मी का दिन था।  मेरे स्कूल की छुट्टी ११ बजे ही हो जाती थी उस समय स्कूल मॉर्निंग लगती थी। उनके घर में सिर्फ भाभी और उनकी बूढी माँ होती थी। मैं उनके घर जाता था और भर दुपहरी वही रहता था पर कभी भी मेरे मन को कोई गलत भावना नहीं आया था दोस्तों मैं सच बोल रहा हु।

एक दिन की बात है।  विनोद भैया की माँ अपने मायके चली गई क्यों की उनके भाई का देहांत हो गया था।  घर में भाभी अकेली थी। उसी रूटीन से मैं स्कूल से आने के बाद फिर उनके घर चला गया। उनके कमरे में बैठा वो दरवाजे के चौखट पर बैठी थी। हलकी फुलकी मजाक कर रही थी , जैसे की मैं आपकी शादी करवाउंगी। अपने जैसी ही खूबसूरत लड़की आपके लिए भी लाऊंगी। मैं मन ही मन खुश हो रहा था और जवानी का जूनून था वो जब शादी की बात आ रही थी तो मचल गया और मेरा लौड़ा ज्यादा तो नहीं पर हां थोड़ा खड़ा जरूर हो गया था क्यों की वो बात थोड़ी रोमांटिक कर रही थी।  जैसी की आपको पता नहीं ना शादी की रात को कैसे करते है।  और क्या आप पहली ही रात को अपने बीवी का पूरा कपडा खोल देंगे।  अब आप खुद ही बताइए लौड़ा खड़ा होगा की नहीं।  पर शर्म आ रही थी और मैं बोली चलो भाभी मैं चलता हु।

वो चौखट पर ही बैठी थी।  दरवाजे के बीचोबीच उसके बाद मैं जैसे ही निकलने लगा उनके पास से उन्होंने मेरा लौड़ा छू लिया। मैं तुरंत ही पीछे आ गया।  और बोला ठीक नहीं है ये और हँस रहा था मैं और वो भी हँस रही थी।  फिर जाने लगा तो वो एकदम से जोर से पकड़ ली। मैं बाहर भाग गया पर वापस आकर बोला मैं बताता हु आपको वो भाग कर कमरे के अंदर चली गई और मैं उनके पीछे पीछे मैं भी मचल रहा था। वो भाग रही थी इधर उधर इस कोने उस कोने मैं भी पकड़ने की कोशिस कर रहा था।  और फिर निचे बैठ गई मै और जोर जोर से है रही थी और अपने आप को सिकुड़ा ली थी जैसे की मैं उनकी चूचियां छूने बाला हु।  और मैं उनकी एक्टिविटी को देखकर उनकी चूचियां छूने की कोशिश करने लगा।  वो हंसती रही और अपनी चूचियां को दबाने से बचा रही थी।  पर मैं पीछे से उनकी दोनों चूचियों को अपने हाथ में ले लिया। और दबाने लगा और कह रहा था और बोलो और बोलो और छुओगी।  वो बोलती हां छूऊँगी और मैं वैसे ही दबाने लगता।  धीरे धीरे वो अपनी पकड़ ढीली कर दी अब वो बचने की कोशिश नहीं कर रही थी।  उनका साडी का पल्लू नीच गिर गया था ब्लाउज का ऊपर का दो हुक खुल चूका था चूचिया दिखाई दे रही थी।  मैंने फिर से उनकी चूची को पकड़ा वो खड़ी हो गई।

मुझे पहली बार एहसास हुआ औरत क्या चीज होती है और चूचियां दबाने से क्या होता है मेरा लौड़ा उफान पर था। मैंने कहा। दोगी वो बोली क्या , मैंने कहा चोदने वो बोली हां। और फिर क्या था दोपहर के दो बज रहे थे।  सड़के वीरान थी गर्मी का मौसम था बाहर लू चल रही थी।  सभी लोग अपने घरों में सो रहे थे। उन्होंने आगे बढ़कर दरवाजा बंद कर दिया। मेरी धड़कन तेज होने लगी पहली बार चुदाई करने बाला था। वो मेरे करीब आ गई और निचे चटाई पर बैठ गई।  मैं भी बैठ गया। वो अपना ब्लाउज उतार दी।  और फिर ब्रा भी उतार थी।  ओह्ह्ह क्या बताऊँ दोस्तों गजब का बूब था गोरी। पिंक निप्पल वो भी मटर के दाने के करीब। मैं तुरंत ही चूचियां दबाने लगा। वो लेट गई वो मुझे पकड़ कर चूमने लगी।  मैं भी सहयोग करने लगा।  फिर वो अपना साडी ऊपर कर दी और पेटीकोट भी निचे ब्लैक कलर का पेंटी उतार दी।  गजब दोस्तों गजब।  पहली बार बूर देखा था मैं बाल था पर छेद दिखाई नहीं दे रहा था।  अनजान था किधर घूसाउ अपना लौड़ा।  पर मैं पेण्ट खोल दिया। और उनके ऊपर ही लेट गया।  चूचियां पिने लगा। होठ चूसने लगा।  वो मदहोश होने लगी और फिर क्या था दोस्तों वो बोली घुसाओ।

मैं अनभिज्ञ था बूर से और बूर के छेद से अंदाज से ही निचे लौड़ा डालने लगा. पर शायद सेट नहीं हुआ उन्होने खुद थोड़ा अपना पैर अलग किया और मेरा लौड़ा पकड़कर अपने बूर पर सेट की और निचे से ही धक्का दी और मेरा लौड़ा सटाक से अंदर चला गया। गजब का एहसास था और बूर में फिसलन थी पहली बार मेरा लौड़ा किसी बूर के अंदर था। फिर क्या था मैं गांड हिलाने लगा और फिर भाभी के मुँह से आह आह आह निकलने लगी।  वो निचे से मैं ऊपर से ऐसा ही तालमेल था।  उनके होठ को चाट रहा था उनके गर्दन को चुम रहा था। चूचियां पी रहा था।  हाथ ऊपर कर दी। गोरा बदन कांख में काले काले बाल वो मुझे मदहोश करने लगा।

गजब का दृश्य था। और फिर करीब दस मिनट तक चुदाई के बाद ही वो एक लम्बी सांस ली अंगड़ाई ली और आए आह की मेरे पीठ में अपनी नाख़ून गड़ा दी और फिर शांत हो गई।  मैं उस समय तक दे रहा था गांड उठा उठा कर और फिर मेरी बारी थी। मेरा वीर्य उनके बूर में ही गिर गया और फिर मैं उन्ही के ऊपर लेट गया। करीब पांच मिनट बाद उठा अपना कपड़ा पहना वो बोली दरवाजा सटाते जाना और मैं चला गया।

करीब तीन घंटे बाद उनके घर फिर से गया तो वो तब उठी।  मुस्कुराई और बोली मजा आ गया। खुश कर दिया आपने।  मैं ज्यादा कुछ नहीं बोल रहा था। वो बोली रात को आज यहीं सोना मैंने कहा ठीक है। शाम को थोड़ा इधर उधर जाकर खाना खाया और बोला अपने घर में आज मैं भाभी के छत पर सोऊंगा। वो निचे सोयेगी पर मैं छत पर सोऊंगा क्यों की उनको डर लगता है वो अकेली है। माँ बोली ठीक है जा।  और मैं अपना बिस्तर उठाया और ऊपर छत पर बिछा दिया वही लेटा रहा।  थोड़े देर में भाभी भी खाना खाकर आ गई और बोली चलते हैं निचे। मैं उनके साथ ही निचे आ गया और उन्होंने पहले सारे खिड़की दरवाजे बंद किया फिर अपना सारा कपड़ा उतार दिया।  उन्होंने मेरा भी कपड़ा उतार दिया और फिर कामसूत्र के स्टाइल में रात भर चुड़बाई। ये कहानी आप कहानी एक्स डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

दोस्तों दस दिन तक विनोद भैया की माँ नहीं था।  वो दस दिन गजब का दिन था।  रोज चुदाई रोज चुदाई। मजा आ गया। उसके बाद फिर जब टाइम मिलता मैं चोदता। करीब तीन महीने के बाद वो प्रेग्नेंट हो गई।  वो तुरंत ही विनोद भैया को फ़ोन कर बुलवाई बीमारी का बहाना बनाकर।  वो भी बन्दा दो से तीन दिन में ही हाजिर हो गया और फिर क्या था। वो भाभी की चाल थी ताकि वो प्रेगनेंसी मेरे ऊपर नहीं आये।  और हुआ भी वही कुछ दिन बाद ही वो बोल दी घर में की मैं प्रेग्नेंट हु। इसतरह से मैं अपने खूबसूरत भाभी को के साथ खूब चुदाई के मजे लिए।

Spread the Hot Story
loading...

One thought on “भाभी की चुदाई : भैया गए थे दिल्ली कमाने रसीली भाभी को किया प्रेग्नेंट”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *